नेपाल बाढ़ का भूकंप और चीन कनेक्शन, भारत ने भेजी मदद | बड़ी बातें

नेपाल के बाढ़ में अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम से बात हर संभव मदद का भरोसा दिया है. बिहार के 6 जिलों और यूपी के दो जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने ऐसा मंजर दिखाया, जिसे कई दशकों में पहली बार देखा गया. रसुवा जिले से होकर गुजरने वाली उफनती नदी ने रौद्र रूप दिखाया और अपने साथ पुल, सड़कें, वाहन, इमारतें बहाकर ले गई. नेपाल की इस त्रासदी को देखते हुए बिहार के 6 जिले और उत्तर प्रदेश के दो जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए भारत से मदद मांगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है.
बाढ़ से मौजूदा क्या स्थिति है
नेपाल के बाढ़ में अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इस आपदा से निपटने के लिए नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और पुलिस को तैनात किया गया है. 14 हेलिकॉप्टर भी तलाशी और बचाव अभियान में शामिल किए गए हैं. उत्तरी रसुवा में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात एपीएफ के चार जवान अचानक आई बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं.
द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट है कि बाढ़ ने नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घरों को बहा दिया और कई पुलों को नुकसान पहुंचा है. हालात को देखते हुए नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित इलाकों के सांसदों के साथ बात की है. इसमें बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय बस्तियों की स्थिति और बचाव-राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए.
कहां और कब आई बाढ़
नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई. देश के अलग-अलग जिलों में अब तक 16 शव बरामद हुए हैं.भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद नेपाल सरकार ने प्रभावित स्थानीय क्षेत्रों को अगले तीन महीनों के लिए आपदा-प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है. नेपाल सरकार ने इस त्रासदी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई. बालेन सरकार ने घोषणा की है कि बाढ़ में घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा और पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
कैसे आई बाढ़- चीन कनेक्शन क्या है?
नेपाल में चीन से आने वाली एक नदी ने भयानक तबाही मचा रखी है. तिब्बत के ऊंचे पहाड़ों से नेपाल में नीचे की तरफ आने वाली इस भोटेकोशी नदी में अचानक उफान आ गया. काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजन भक्त के अनुसार, शुरुआती आकलन से संकेत मिलता है कि ल्हेन्डे नदी में बर्फ का पहाड़ ढहने के कारण भोटेकोशी नदी में यह अचानक बाढ़ आई. उन्होंने बताया कि बर्फ ढहने से नदी का बहाव रुक गया था, जिसके बाद भारी दबाव बनने पर बांध टूट गया. इसके साथ ही यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, त्रासदी के समय सुबह 8:37 बजे तिब्बती क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया था, जो इस घटना से जुड़ा हो सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस आपदा में किसी ग्लेशियल झील के फटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जुलाई 2025 में भी इसी इलाके में ग्लेशियल झील फटने से ल्हेन्डे नदी में बाढ़ आई थी. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में भारी बारिश नहीं हुई थी इसलिए अचानक आया पानी का यह सैलाब केवल ऊपरी हिस्से में नदी के रुकने और फिर अचानक फटने के कारण ही संभव है.
Planet Labs के सैटेलाइट फुटेज की स्टडी से पता चलता है कि नेपाल-चीन रसुवागढ़ी सीमा पार करने के स्थान से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में नेपाल-चीन सीमा पर बर्फ और चट्टानों का एक बड़ा भूस्खलन हुआ था. इसी भूस्खलन के कारण ल्हेन्डे नदी में अचानक भीषण बाढ़ आई.
भारत में क्यों बढ़ी चिंता, बिहार-यूपी में अलर्ट
नेपाल में बाढ़ की स्थिति और गंडक नदी में अचानक वाटर फ्लो बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने 6 जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है. सीएम सम्राट चौधरी ने तत्काल उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया.
